अखिलेश यादव बने लोहिया ट्रस्ट के प्रमुख, शिवपाल यादव ने की तारीफ
अखिलेश यादव बने लोहिया ट्रस्ट के प्रमुख, शिवपाल यादव ने की तारीफ
NewsPoint•
इटावा, 16 सितंबर (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव अब लोहिया ट्रस्ट के भी प्रमुख बन गए हैं। उन्होंने इस पद पर अपने चाचा और विधायक शिवपाल यादव की जगह ली है। इस बदलाव पर शिवपाल यादव ने बुधवार को कहा कि अखिलेश यादव जैसा आधुनिक विकास का नजरिया किसी और के पास नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि अखिलेश यादव का नाम उन्होंने खुद एक बैठक में प्रस्तावित किया था, जिसे मंजूरी मिल गई। शिवपाल यादव का मानना है कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में लोहिया ट्रस्ट तरक्की करेगा और राम मनोहर लोहिया के विचारों को आम लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा, जिससे सपा भी मजबूत होगी। वहीं, यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर के इस बयान पर कि अखिलेश यादव को अब शिवपाल यादव पर भरोसा नहीं है, शिवपाल ने कहा कि राजभर डरे हुए हैं।
शिवपाल यादव ने यह बात तब कही जब यूपी के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने यह बयान दिया था कि अखिलेश यादव को अपने चाचा पर भरोसा नहीं है। राजभर ने शिवपाल यादव के पहले भाजपा के साथ कुछ समय बिताने और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया (पीएसपीएल) बनाने के फैसले का जिक्र किया था। उस समय शिवपाल यादव ने सपा की कड़ी आलोचना की थी और कहा था कि यह पार्टी 'चोरों और बदमाशों' की पार्टी बन गई है और इस पर माफिया का कब्जा है। उन्होंने यह भी याद दिलाया था कि शिवपाल यादव ने आरोप लगाया था कि गरीबों की जमीन पर कब्जा करने वाले लोग पार्टी में शामिल हो गए हैं। राजभर के अनुसार, अपनी पार्टी बनाने के बाद भी शिवपाल यादव ने ऐसे बयान दिए थे, जिससे अखिलेश यादव के लिए उन पर भरोसा करना मुश्किल हो गया था।इस पर शिवपाल यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि राजभर डरे हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे उत्तर प्रदेश में सरकार और एनडीए गठबंधन की असलियत सबके सामने है। शिवपाल यादव ने आरोप लगाया कि राज्य में जबरन वसूली, रिश्वतखोरी, बेईमानी और भ्रष्टाचार के बिना कोई काम नहीं होता। उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 में सपा सरकार बनाएगी।
यूपी के मंत्री अनिल राजभर ने भी सपा प्रमुख अखिलेश यादव की आलोचना की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव को किसी पर भरोसा नहीं है और उन्हें खुद पर भी भरोसा नहीं है। यह बयान अखिलेश यादव के लोहिया ट्रस्ट का प्रमुख बनने के बाद आया है।
शिवपाल यादव ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए अखिलेश यादव की तारीफ की। उन्होंने कहा, "मैंने देखा है कि उत्तर प्रदेश में कई पार्टियां रही हैं, लेकिन अखिलेश यादव जैसा आधुनिक विकास का विजन किसी के पास नहीं है।" उन्होंने लोहिया ट्रस्ट के प्रमुख बनने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया। शिवपाल यादव ने कहा, "मैंने एक बैठक बुलाई थी, जिसमें मैंने इस पद के लिए अखिलेश यादव का नाम प्रस्तावित किया था, जिसे बाद में मंजूरी मिल गई।"
शिवपाल यादव ने इस बात पर जोर दिया कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में लोहिया ट्रस्ट को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे राम मनोहर लोहिया के विचारों को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। शिवपाल यादव का मानना है कि इस कदम से न केवल लोहिया ट्रस्ट मजबूत होगा, बल्कि समाजवादी पार्टी भी और ताकतवर बनेगी।
यह पूरा मामला तब गरमाया जब शिवपाल यादव ने अखिलेश यादव की जगह लोहिया ट्रस्ट के प्रमुख का पद संभाला। इस पर राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा हुई। शिवपाल यादव के बयानों से यह साफ है कि वह अखिलेश यादव के नेतृत्व में विश्वास रखते हैं और पार्टी को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर काम करने की बात कह रहे हैं। वहीं, भाजपा के मंत्रियों ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा है, लेकिन शिवपाल यादव ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।