संजय निरुपम ने दिशा सालियान मामले, यूपीआई शुल्क और पीएम मोदी के 25 साल पर रखी बात
संजय निरुपम ने दिशा सालियान मामले, यूपीआई शुल्क और पीएम मोदी के 25 साल पर रखी बात
NewsPoint•
मुंबई, 16 सितंबर (आईएएनएस)। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिशा सालियान मामले में सीबीआई जांच, यूपीआई ट्रांजैक्शन चार्ज को लेकर कांग्रेस के आरोपों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दिशा सालियान मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी। वहीं, यूपीआई को लेकर कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा, और व्यापारी ही ऐसे शुल्क का भुगतान करेंगे यदि कोई लागू होता है। निरुपम ने प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने पर उनकी नेतृत्व क्षमता और नीति-निर्माण की सराहना की।
संजय निरुपम ने दिशा सालियान मामले पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब सीबीआई इस पूरे मामले की जांच कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही सच्चाई सामने आएगी और स्थिति स्पष्ट होगी। निरुपम ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कुछ लोग इस मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले दिशा सालियान और उनके परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई को देखा जाना चाहिए। दिशा के पिता कई सालों से अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। निरुपम ने यह भी स्पष्ट किया कि एफआईआर में किसी व्यक्ति का नाम आने मात्र से वह दोषी या अपराधी साबित नहीं हो जाता। एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच एजेंसी को पूरे मामले की गहराई से जांच करनी होती है और फिर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होती है। उन्होंने यह भी बताया कि सीबीआई को जांच का निर्देश महाराष्ट्र सरकार या भाजपा-शिवसेना सरकार ने नहीं, बल्कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिशा सालियान के पिता की याचिका पर दिया है। इसलिए, इस जांच को केवल एक राजनीतिक फैसला बताना सही नहीं है। निरुपम ने पिछली पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पहले इस मामले की जांच की गई और उसे बंद कर दिया गया, तब उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे। उस समय पुलिस पर राजनीतिक प्रभाव रहा होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि मौजूदा सीबीआई जांच में तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।यूपीआई ट्रांजैक्शन चार्ज को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर संजय निरुपम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि ग्राहकों पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं डाला जा रहा है। निरुपम ने स्पष्ट किया कि व्यक्ति से व्यक्ति के बीच होने वाले यूपीआई लेनदेन पर कोई टैक्स या सरचार्ज नहीं लगेगा। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया कि यदि कोई व्यक्ति किसी व्यापारी को 2 हजार से अधिक का भुगतान करता है और उस पर कोई निर्धारित शुल्क लागू होता है, तो उसका भुगतान व्यापारी की ओर से किया जाएगा, न कि ग्राहक की जेब से कोई अतिरिक्त राशि जाएगी। निरुपम ने कांग्रेस और उससे जुड़े राजनीतिक तंत्र पर यह प्रचार करने का आरोप लगाया कि ऐसे शुल्क से प्राप्त पैसा विदेशी कंपनियों के पास चला जाएगा। उन्होंने इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भारत में यूपीआई का पूरा भुगतान ढांचा भारतीय बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। उन्होंने फोन पे और गूगल पे जैसे प्लेटफॉर्मों का जिक्र करते हुए कहा कि भले ही इन प्लेटफॉर्मों में विदेशी कंपनियों की हिस्सेदारी हो, लेकिन यूपीआई लेनदेन में धन का प्रवाह हमेशा भारतीय बैंकों के माध्यम से ही होता है। उन्होंने कहा कि भुगतान करने वाले व्यक्ति के बैंक, व्यापारी के बैंक और संबंधित यूपीआई प्लेटफॉर्म से जुड़े बैंकिंग ढांचे में होने वाले लेनदेन को केवल इस आधार पर अमेरिका जाने वाला पैसा बताना बिल्कुल भी सही नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर संजय निरुपम ने उनकी नेतृत्व क्षमता और नीति-निर्माण के तरीके की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में अपना सार्वजनिक जीवन शुरू किया और करीब 12 वर्षों तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद, वे पिछले करीब 13 वर्षों से देश के प्रधानमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। निरुपम ने इस बात पर जोर दिया कि राजनीति में इतने लंबे समय तक जनता का विश्वास बनाए रखना कोई आसान काम नहीं है। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी सफलता और इतने लंबे समय तक सत्ता में बने रहना यह स्पष्ट संकेत देता है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व और कामकाज को जनता का भरपूर समर्थन मिला है। यह उनके राजनीतिक दृष्टिकोण और नेतृत्व पर निरुपम का गहरा आकलन था।
प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी पुरानी मुलाकातों को याद करते हुए संजय निरुपम ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए, करीब 2003-04 के दौरान, उन्हें अहमदाबाद में मोदी से मिलने का अवसर मिला था। उस समय उद्धव ठाकरे भी उनके साथ थे और उन्होंने अक्षरधाम मंदिर का दौरा किया था। निरुपम ने बताया कि उस मुलाकात के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई और मोदी की बातचीत में उन्हें एक खास तरह की स्पष्टता दिखाई दी। उन्होंने कहा कि आम लोगों तक अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के दृष्टिकोण से नीति बनाने पर मोदी का जोर उस समय भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता था। निरुपम ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होना उनके लिए एक बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को देश के लिए समर्पित और त्यागपूर्ण जीवन जीने वाला नेता बताया। उनके अनुसार, भारत को ऐसा प्रधानमंत्री मिलना देश के लिए एक सौभाग्य की बात है। निरुपम ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश ने प्रगति की है और उनकी नीतियां जनहित में रही हैं। उन्होंने कहा कि मोदी ने हमेशा देश के विकास को प्राथमिकता दी है और उनके कार्यकाल में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी एक अलग पहचान बनाई है। निरुपम ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री के जनता से जुड़ाव और उनकी कार्यशैली ने उन्हें एक लोकप्रिय नेता बनाया है। उन्होंने कहा कि मोदी ने हमेशा आम आदमी की समस्याओं को समझा है और उन्हें दूर करने का प्रयास किया है। निरुपम ने कहा कि प्रधानमंत्री के सार्वजनिक जीवन के ये 25 साल देश के लिए मील का पत्थर साबित हुए हैं और उन्होंने देश को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में भारत एक मजबूत और विकसित राष्ट्र बनने की राह पर अग्रसर है। निरुपम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने का प्रयास किया है और उन्होंने सभी वर्गों के लोगों को साथ लेकर चलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि मोदी की नीतियां हमेशा देशहित में रही हैं और उन्होंने देश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। निरुपम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया है और उनके जैसा नेता मिलना देश के लिए सौभाग्य की बात है।