नरेश बंसल ने विपक्षी दलों पर साधा निशाना, राम मंदिर और मदरसों के मुद्दे पर बयान दिए

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Navbharat Times
बीजेपी सांसद नरेश बंसल ने हाल ही में इंडिया ब्लॉक की बैठक, एसआईआर प्रक्रिया और राम मंदिर से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों को निशाने पर लिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा मदरसों और शिक्षकों के वेतन को लेकर किए गए वादों पर सवाल उठाए। बंसल का कहना है कि जनता इन वादों पर विश्वास नहीं करेगी। उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के दौरान धार्मिक स्थलों के हिस्सों को हटाने के मुद्दे पर भी उन्होंने अपनी बात रखी। बंसल ने कहा कि बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा कि कौन से दल इसमें शामिल होते हैं और गठबंधन में असहजता बढ़ रही है।

नरेश बंसल का यह बयान नई दिल्ली में दिया गया। उन्होंने अखिलेश यादव के बयान पर भी प्रतिक्रिया दी जिसमें उन्होंने कहा था, "प्रभु जब बुलाते हैं तब जाता है इंसान।" बंसल ने कहा कि "धर्म के अनुरूप आचरण करने वाला व्यक्ति प्रतिदिन मंदिर जाता है। लेकिन, जिनका आचरण धर्मयुक्त नहीं है, वे मंदिर न जाने के लिए कोई भी बहाना बना सकते हैं।"
बंसल ने अखिलेश के मदरसों से संबंधित वादों पर कहा कि "अखिलेश को पता है कि उनकी Government नहीं बनने वाली है, इसलिए वे ऐसे वादे कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि फिर से प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनेगी।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने महंगे उपहार स्वीकार न करने का सुझाव दिया है। इस पर बंसल ने सहमति दर्शाई। उनका कहना है कि यह राजनीति को शुद्ध करने का तरीका है और सभी नेताओं को इस अपील का पालन करना चाहिए।

बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के बाद नए सभापति के चुनाव पर भी बंसल ने बात की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय वहां के राजनीतिक समीकरणों के अनुसार होगा। नए सभापति का चुनाव सर्वसम्मति से होगा।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई से इनकार करने पर बंसल ने कहा कि "अदालत के फैसले पर टिप्पणी नहीं की जा सकती।" उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जो उचित समझा, वही निर्णय लिया है।

कांग्रेस की कार्यसमिति की बैठक में एसआईआर मुद्दे को उठाने पर बंसल ने कांग्रेस की आलोचना की। उन्होंने कहा कि "कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष की प्रभावी भूमिका नहीं निभा रही है।" उनका कहना है कि कांग्रेस के आचरण के कारण जनता के बीच उसकी विश्वसनीयता कम हुई है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन पर बंसल ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि "कांग्रेस चुनाव में जीतने पर ईवीएम और निर्वाचन आयोग को सही मानती है, जबकि हारने पर उन पर सवाल उठाती है।"

उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के मामले पर बंसल ने कहा कि "महाकाल लोक के लिए सड़क चौड़ीकरण में मस्जिदों के साथ मंदिरों के हिस्से भी हटाए जा रहे हैं।" उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में मस्जिदों की तुलना में अधिक मंदिर प्रभावित हुए हैं।

बंसल ने मुख्यमंत्री द्वारा अपने पुश्तैनी घर को हटवाने की बात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुंभ के दौरान किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए सड़क चौड़ी करना जरूरी है। प्रशासन और मस्जिद प्रबंधन के बीच सहमति होने की बात पर उन्होंने कहा कि "कुछ लोगों ने अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया।"

बंसल ने कहा कि जनता को इन मुद्दों पर जागरूक रहना चाहिए और नेताओं की बातें समझदारी से सुननी चाहिए। उन्होंने भाजपा की प्रगति और योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी जनता की सेवा में हमेशा आगे रहेगी।

इस प्रकार, बंसल का यह बयान राजनीतिक क्षेत्र में कई मुद्दों को उठाता है और विपक्ष की रणनीतियों पर सवाल उठाता है। वे भाजपा की मजबूती और भविष्य की योजनाओं के प्रति आश्वस्त हैं। उनके बयानों से स्पष्ट है कि वे आगामी चुनावों में एक सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।

बंसल ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि भाजपा जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देती है और इस दिशा में उसे आगे बढ़ाना चाहती है। उनका मानना है कि विपक्ष के वादों और दावों का जनता पर कोई असर नहीं होगा और इस बार भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नेतृत्व ही प्रशंसा प्राप्त करेगा।

राजनीति में चल रहे इन चर्चित मुद्दों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। बंसल की प्रतिक्रिया से यह तय होता है कि भाजपा अपने मुद्दों और वादों में यथार्थवादी रहेगी और अपनी सरकार को बनाए रखने के लिए कड़ी मेहनत करेगी।