Artemis Ii Amazing Photos Of Earth From Near The Moon Lights Of Human Activities Visible
नासा आर्टेमिस II: चांद के पास से धरती की अद्भुत तस्वीरें, इंसानी गतिविधियों की रोशनी दिखी
Others•
नासा के आर्टेमिस II मिशन के अंतरिक्ष यात्री चांद के पास से धरती की बेहद खूबसूरत तस्वीरें भेज रहे हैं। ये तस्वीरें इंसानी गतिविधियों की रोशनी और सूर्य की रोशनी से रोशन धरती के किनारे को दिखाती हैं। यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर स्थायी उपस्थिति स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नई दिल्ली, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। नासा के आर्टेमिस II मिशन पर गए अंतरिक्ष यात्री चांद के करीब पहुँच गए हैं और उन्होंने धरती की बेहद खूबसूरत तस्वीरें भेजी हैं। कमांडर रीड वाइजमैन ने ओरियन कैप्सूल की खिड़की से धरती का एक हिस्सा और पूरी धरती की तस्वीरें ली हैं, जिनमें महासागर, बादल और ऑरोरा साफ दिख रहे हैं। यह करीब 50 साल बाद पहली बार है जब इंसान चांद के इतने करीब पहुंचा है। नासा ने इन तस्वीरों को एक्स (पहले ट्विटर) पर साझा किया है, जिसमें इंसानी गतिविधियों की रोशनी और सूर्य की रोशनी से रोशन धरती का किनारा दिख रहा है।
पहली तस्वीर में ज्यादा शटर स्पीड की वजह से धरती की रोशनी ज्यादा कैद हुई, जबकि दूसरी तस्वीर में कम शटर स्पीड का इस्तेमाल करके रात में चमकती धरती को बेहतर तरीके से दिखाया गया है। एक और तस्वीर में धरती पर दिन और रात के बीच की साफ सीमा, जिसे 'टर्मिनेटर' कहते हैं, दिखाई दे रही है। नासा ने इस तस्वीर के साथ लिखा, "चाहे हम जाग रहे हों या सपने देख रहे हों, हम सभी इसी ग्रह पर साथ हैं।" एक्सप्लोरेशन सिस्टम लीडर लकीशा हॉकिन्स ने कहा कि यह सोचना अच्छा है कि इस तस्वीर में हम सब शामिल हैं, सिवाय चार अंतरिक्ष यात्रियों के। उन्होंने यह भी बताया कि मिशन योजना के अनुसार आगे बढ़ रहा है।शुक्रवार देर शाम तक, नासा के अंतरिक्ष यात्री धरती से लगभग 1,80,000 किलोमीटर दूर थे। उन्हें चंद्रमा तक पहुंचने के लिए अभी करीब 2,40,000 किलोमीटर और यात्रा करनी है, जहाँ वे संभवतः सोमवार तक पहुँच जाएँगे। इस मिशन पर तीन अमेरिकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री हैं। वे अपने ओरियन कैप्सूल में बैठकर चंद्रमा का चक्कर लगाएंगे, यू-टर्न लेंगे और बिना उतरे सीधे धरती पर वापस लौटेंगे। यह टीम 1972 में अपोलो 17 मिशन के बाद चंद्रमा तक पहुँचने वाली पहली मानव टीम है।
आर्टेमिस II मिशन का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा के चारों ओर मानव मिशन की व्यवहार्यता का परीक्षण करना है। यह मिशन भविष्य में चंद्रमा पर स्थायी उपस्थिति स्थापित करने और मंगल ग्रह पर मानव मिशन भेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अंतरिक्ष यात्रियों द्वारा भेजी गई ये तस्वीरें न केवल धरती की सुंदरता को दर्शाती हैं, बल्कि अंतरिक्ष अन्वेषण के महत्व को भी रेखांकित करती हैं। ये तस्वीरें हमें याद दिलाती हैं कि हम सब एक ही ग्रह पर रहते हैं और हमें इसे सुरक्षित रखना चाहिए।
अंतरिक्ष यात्री धरती से लगभग 1,80,000 किलोमीटर की दूरी पर हैं। यह दूरी इतनी ज्यादा है कि पृथ्वी से चंद्रमा की औसत दूरी लगभग 3,84,400 किलोमीटर है। इसका मतलब है कि वे अभी चंद्रमा की आधी दूरी भी तय नहीं कर पाए हैं। चंद्रमा के पास पहुँचने के बाद, वे वहाँ लगभग एक सप्ताह बिताएंगे, विभिन्न प्रयोग करेंगे और डेटा एकत्र करेंगे। इस मिशन से प्राप्त जानकारी भविष्य के चंद्र मिशनों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होगी।
यह मिशन इंसानों को चंद्रमा की सतह के करीब ले जाने का एक साहसिक प्रयास है। अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाएंगे, लेकिन वे वहाँ उतरेंगे नहीं। यह मिशन भविष्य के आर्टेमिस मिशनों के लिए एक तैयारी है, जहाँ अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर उतरेंगे और वहाँ एक बेस स्थापित करेंगे। यह मानव जाति के लिए अंतरिक्ष अन्वेषण के एक नए युग की शुरुआत है।